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6-7 मई 2017 को रांची (झारखंड) में झारखंडी भाषा साहित्य संस्कृति अखड़ा के चौथे महासम्मेलन का आयोजन होना सुनिश्चित हो गया है. इस महासम्मेलन में आपकी भागीदारी आमंत्रित है.

'चौथा महासम्मेलन 6-7 मई 2017 को रांची में

झारखंडी भाषा साहित्य संस्कृति अखड़ा का

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...राज्य सत्ता के दमन और कॉरपोरेट लूट के खिलाफ.घोषणा-पत्र देखें >

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हम न झुके हैं, न ही कभी झुकेंगे
आदिवासी/देशज समुदाय दो हजार सालों से युद्ध में हैं.

जोहार! देश के आदिवासी/देशज समुदाय कभी नहीं हारे, चाहे मिथक हो, इतिहास हो या कि वर्तमान. हमने घुटने कभी नहीं टेके. चाहे मिथक हो, इतिहास हो या कि वर्तमान. हुलगुलान जिंदाबाद!!

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